धात रोग के उपाय | Dhat rog ke upay

धात रोग पुरषो की बीमारी है | जब लिंग में तनाव आने पर लिंग से चिपचिपा पानी निकलता है उसे ही धात की समस्या कहते है | कुछ मामलो में तो महिला को देखने व छूने मात्र से ही वीर्य निकल जाता है | समस्या अधिक बढ़ने पर मल – मूत्र त्यागने पर भी पानी निकलता है | इस से रोगी की शरीर में काफी कमजोरी हो जाती है | रोगी का सेक्स जीवन पूरी तरह से खराब हो जाता है | इसका समय पर इलाज होना जरुरी है इस से पहले की समस्या नासूर बन जाये |

पर हमरे समाज में योन रोगियों को काफी हिन् भावना से देखा जाता है जिसके कारण लोग अपने इज्जत रखने के लिए खुल कर इस समस्या को कह नहीं पाते और समस्या गंभीर रूप धारण कर लेती है |

इस लिए आज हम आपके लिए कुछ धात रोग के उपाय Dhat Rog ke Upay लाये है जो आप घर पर ही केर सकते है, ताकि समस्या को शुरू में खत्म कर सके |

 

धात रोग के घरेलू उपाय ( Dhat rog ke ghrelu upay ) –

 

धात की समस्या अगर अभी हुई है तो ये घरेलू उपाय आजमाए निश्च्ते ही फायदा होगा |

1. केला करे धात रोग को दूर – रोजाना सुबह दो केले खा केर ऊपर से दूध पे ले इस से धात रोग में काफी आराम मिलेगा |

2. लोकि क जूस धात रोग में लाभ दायक – रोजाना लोकि का जूस पिए इस से शरीर में ठंडक आएगी और वीर्य का पतलापन दूर होगा |

3. दही करे धात का अंत – सुबह – शाम 2 कटोरी दही खाये कुही दिनी में धात की समस्या खत्म हो जाएगी |

4. उड़द की दाल भी करे इलाज – उडद की दाल को पिश कर दासी गहि में भून ले और सेहद मिला केर रोजाना खाये |

5. भिंडी पाउडर में है औसधिया गुण – एक चमच भिंडी पाउडर रात को दूध में डालकर ले इस से इस से आपकी कमजोर नसों में ताकत आएगी और वीर्य को रोकने में सहायक होंगी |

 

धात के आयुर्वेदिक उपाय ( Dhat rog ke Ayurvedic upay ) –

 

जब समस्या को अधिक समय जो जाये तो आयुर्वैदिक जड़ीबूटियां आजमाए |

1. अशवगंधा है संजीवनी – अश्वगंधा हेर परकार की सेक्स समस्या में संजीवनी बूटी का काम करती है | इस तरह धात रोग में रात को सोने से पहल दूध में एक चम्मच अशवगंधा पाउडर डालकर ले कुछ ही दिनों में धात गिरना बन्दे हो जायेगा |

2. तुलसी से इलाज – तुलसी के बीज 1 से 2 ग्राम रात दूध में डाल कर लेने से 20 से 25 दिन में वीर्य गाढ़ा हो जायेगा और धात गिरनी बंद हो जाएगी |

3. अर्जुन के छाल भी लाभदायक – 2 चुटकी अर्जुन जी छाल के पाउडर में 1 चुटकी चन्दन मिलाकर पनि में डालकर ले इस से भी 15 से 20 दिन में लाभ होगा |

4. सत्वरी की जड़ भी करे इस्तमाल – 20 ग्राम सतावरी की जड़ का पाउडर 1 गिलास दूध में उबालकर रोज सुबह ले कुछ ही दिनों में पूरा आराम मिलेगा |

घरेलू या आयुर्वेदिक उपाय तभी कामयाब है जब आप की दिनचर्या सही हो | सुबह फ्रेश समय पर हो अगर कब्ज है तो तिरफला चूरण रात को सोने से पहले ले | सुबह व्यायाम जरूर करे | बहार न खाये | घर का बना सादा खाना खाये | मीट और मसलदेर खाने से परहजे करे | पानी अधिक पिए और सलाद ज्यादा खाए |

उपरोक्त दिए गए उपाय आयुर्वेदिक और घरेलू है इनसे आराम निश्चित ही होगा पर समय लगेगा | खुराक समय पर ले और परहजे पुरे करे पूरा लाभ मिलेगा |

अगर समस्या बहुत अधिक बढ़गयी है तो हम से संपर्क करे हम अशोक क्लिनिक के माध्यम से सालो से इन समस्याओ का इलाज करते आ रहे है | और हम आपके स्वस्थ के लिए समर्पित है |

धन्यवाद,
डॉ अशोक गुप्ता

शीघ्रपतन के घरेलू उपाय

स्खलन का अर्थ है कि लिंग के माध्यम से वीर्य का सा्रव होना। शीघ्रपतन को अर्थ मनुशय को समय से पहले वीर्य प्रवाह हो जाना ही है। कई बार देखा जाता है कि जब पुरूश औरत से सम्भोग करता है तो औरत को पूरी तरह से संतुश्ट नही कर पाता क्योंकि जब वह चरम सीमा पर आता उससे पहले ही उसका वीर्य प्रवाह हो जाता है और औरत संतुश्ट नहीं हो पाती। इस उस पुरूश का जीवन बर्बाद हो जाता है। इससे दोनो मिया बीबी में घरेलू झगड़े होते हैं और पुरूश चिड़चिड़ा हो जाता है। उस पुरूश की गृहस्ति बर्वाद हो जाती है। वह पुरूश नही तो काम कर सकता है और अन्दर ही अन्दर उसको चिंता रहती है ।

शीघ्रपतन होने के कारण: प्रारंभिक यौन अनुभव, यौन षोशण, अपने शरीरके प्रति नकारात्मक रवैया, डिप्रेषन, समय से पहले स्खलन होने का डर, षीघ्र स्ख्लन होने से केई लोगों को यह चिंता सताती है कि क्या होगा कहीं मैं पहले ही ना शीघ्रपतन हो जाउं इसलिए भय के कारण भी स्खलने हो जाता है।

शीघ्रपतन के कुछ घरेलू उपाय इस प्रकार हैं:

1. अपने स्खलन रिफलेक्स पर नियंत्रण करना:- नियमित रूप से संवेदनषीलता और उत्तेजना के स्तर के आदी बनने के लिए स्वयं उतेजक (हस्तमैथुन) अलग अलग संवेदना के लिए आप गीले या सुखे हाथ से प्रयोग कर सकते हैं। जब तक आपका वीर्यपात होनो महसूस न हो तब तक यह क्रिया करनी चाहिए जब आपको लगे कि अब वीर्य स्खलन होने वाला है तो आप हस्तमैथुन को रोक दें फिर थोड़ी देर बाद षुरू कर दें। ऐसे ही यह क्रिया आपको कम से कम चार से पांच बार करनी है। तब आपको पता चल जायेगी कि आप कितना नियंत्रण कर सकते है। यह भी आपको पता चला जायेगा। इस क्रिया को करने से आपको यह पता चल जायेगा कि आपका वापसी बिंदू क्या है। जब आप सम्भोग करते हैं और आप चरम सीमा पर होते हैं तो आपको महसूस होगी कि आपका वीर्य निकलने वाला तो उस समय आप अपने लिंग को योनी से बारह निकाल कर कुछ देर के रूक जाये फिर थोड़ी देर बाद आप सम्भोग कर सकते है या अपनी पोजीषन बदल सकते हैं तो पता चल जायेगा कि आपका वापसी बिन्दू क्या है।

2. पैल्विक फलोर मांसपेषी व्यायाम से भी वीर्य स्खलन को रोका जा सकता है। जब आप पेषाब करते हैं तो उसे बीच में रोक कर आप अपनी मांसपेषियों को सिकोडते हैं तो उनको 5 से 10 सेकिण्ड का समय मिल जाता है फिर आप अपनी स्थिति आ जाते हैं तो पेषाब दोबारा षुश् हो जाता है। इस क्रिया को दिन में 10 से 12 बार कर सकते हैं।

3. कंडोम के प्रयोग से भी शीघ्रपतन की बीमारी से निजात मिल सकती हैं। जब आप संभाग करें तो कंडोम का प्रयोग करना चाहिए। ध्यान रहे कि कंडोम को आकार थोड़ा मोटा होना चाहिए।

4. सेक्स से पहले हस्तमैथुन भी शीघ्रपतन में बहुत ही बढ़िया प्रयोग है। जब भी सम्भोग करें तो उससे पहले आप एक बार हस्तमैथुन जरूर कर लें। इससे आपका षीघ्रतपन नहीं होगा। फिर आप में काफी उतेजन पैदा होगी और आप अपने साथी के साथ अच्छी तरह से सम्भोग कर सकते हैं।

5. ड्रग्स और सुन्न करने वाली दवा व स्प्रे की कुछ दवायें जिनका प्रयोग करने से शीघ्रपतन की बीमारी कुछ हद तक कम की जा सकती है। लेकिन ध्यान रहे ये दवा आपको डाक्टर की सलाह से ही लें। एक बार इन दवाईयों को प्रयोग करने से इनकी लत लग जाती है। कई डाॅकटर इस दवा प्रयोग सम्भोग करने से 2 से 3 घंटे के अन्तराल में बताते हैं। कई तो 5 से 6 घंटे पहले बताते हैं। इन दवाओं को बन्द कर दिया जाता है तो यह बीमारी फिर से षुरू हो जाती है। इसलिए इस दवा का प्रयोग में लाने के लिए डाक्टर की सलाह लेनी जरूरी है।

6. आयुर्वेदिक इलाज – आयुर्वेदा में शीघ्रपतन का इलाज संभव है । इसके कोई सीड़ीएफेक्ट भी नहीं है । अशोक क्लिनिक सालो से लाखो मरीजों को शीघ्रपतन से मुक्त क्र चूका है ।