लिंग का साइज कितना होना चाहिए – Ling ka size kitna hona chahiye

में डॉ अशोक गुप्ता आपका स्वागत करता हु हमारी वेबसाइट पर।  इस वेबसाइट के माध्यम से हम आप तक आपके स्वास्थय से सम्बंधित ज्ञान सांझा करते है।।

आज का चर्चा का विषय है “लिंग का साइज कितना होना चाहिए ” और ये बहुत ही भ्रमित है।  काफी लोगो ने इस भरम को ही अपना व्यवसाय बन लिया है । युवा लोग पोर्न फिल्मे देख कर वैसे ही लिंग की आशा करते है । और ऐसे ही लोगो के झांसे में आकर लिंग के आकर बढ़ाने के नाम पर हजरो रूप्य खर्च केर देते है।

लिंग कितना बड़ा होना चाहिए ?

जैसे मनुस्ये की लम्बाई उसके वातावरण और डीएनए पर निर्भर करती है जैसे वो किस देश में रहता है या किस जनजाति से है। जैसे चीन के लोगो की लम्बाई काम होती है। ठीक उसी परकार लिंग की लम्बाई भी आपके फॅमिली, खान पान, रहन सहन, देश और वातावरण पर निर्भर होता है। इस लिए किसी भ्रम में न आये।

 

सेक्स में सन्तुस्टि के लिए लिंग का कितना लम्बा होना आवश्यक है ?

यह सवाल ही गलत है क्यों की सेक्स में सन्तुस्टि लिंग के आकर पर निर्भर नहीं होती । सेक्स में सन्तुस्टि आपके प्यार और आपसी तालमेल पर निर्भर होती है । आप पोर्न देख के उत्साहित ना हो जैसे हर व्यक्ति की लम्बाई अलग अलग होती है उसी परकार लिंग का आकर भी अलग अलग होता है । इस सचिये को माने और ऐसे पार्टनर की तलाश करे जो आपको वैसे ही पसंद करे जैसे आप है इसे में सेक्स का असली आनंद छुपा हैं ।

लिंग का सामान्य साइज ?

लिंग का समान्य आकर 5 इंच माना जाता है। अगर आपका लिंग इस से छोटा है तो तो आप अपने फॅमिली डॉक्टर से सेल्हा ले और अपना हार्मोन चेक्लउप कराये अगर हार्मोन में कोई कमी नहीं है तो आपका लिंग का आकर नहीं बढ़ा सकते।

लिंग का आकर सामान्य से बहुत छोटा है ?

कुछ लोगो का लिंग हार्मोनल इम्बैलेंस के कारण 1 – 2 इंच ही रहजाता है। इस अवस्था में आप किसी अच्छे डॉक्टर से सलहा ले।

उम्मीद करता हो आप मेरी बात समझ पाए होंगे i धन्यवाद आपका बहुमूल्य समय देने के लिए ।

Namrdi ka ialj – नामर्दी का इलाज

जो व्यक्ति इस्त्री से सम्बन्ध नहीं बना पता उसे नामर्दी का मरीज कहते है अन्य शब्दो में जब व्यक्ति को कामउत्तेजना थोड़े समय के लिए ही होती हो या बिलकुल न होती हो इस अवस्था को ही नामर्दी कहते है I

नामर्दी के दो प्रकार होते है

1. मानसिक – कुछ लोग मानसिक रूप से नामर्द होते है शारीरिक रूप से नहीं I मानसिक रोगी स्त्री के पास जाने से डर जाता है या फिर अत्यधिक उत्तेजित हो जाता है । जिस से वह सम्भोग नहीं कर पाता और मानसिक नामर्दी के शिकार हो जाता है ।

2. शारीरिक – पोस्टिक आहार की कमी, अत्यधिक हस्तमैथुन, अन्य किसी बीमारी के साइड इफ़ेक्ट सवरूप या किसी दुर्घटना से कुछ व्यक्ति नामर्दी के शिकार हो जाते है ।

नामर्दी का इलाज

 

नामर्दी के लिए योग

1. कंडासना

नामर्दी को दूर करने के लिए कंडासना सबसे उपयुक्त आसान है । इसके निरन्तर अभ्यास से नामर्दी की समस्य जड़ से खत्म हो जाती है ।

विधि
1 – निचे बैठ जाये
2 – टांगो को मुड़ते हुए सीना के नजदीक लाये
3 – पेरो का आधार साइन की तरफ रखे
4 – कुछ छण इसी अवस्ता में रहे फिर सामान्य स्थिति में आ जाये

2. हलासन

इस आसान आसन से नामर्दी की समस्या को ठीक किया जाता है । इस में शरीर का आकार खेत में चलाए जाने वाले हल के समान हो जाता है। इसीलिए इस आसन को हलासन कहा जाता हैं।

विधि
1- शवासन की अवस्था में भूमि पर लेट जाएं। एड़ी-पंजे मिला लें। हाथों की हथेलियों को भूमि पर रखकर कोहनियों को कमर से सटाए रखें।
2- श्वास को सुविधानुसार बाहर निकाल दें। फिर दोनों पैरों को एक-दूसरे से सटाते हुए ऊपर उठाते जाएं। घुटना सीधा रखते हुए पैर पूरे ऊपर 90 डिग्री के कोण में उठाएं।
3-हथेलियों को भूमि पर दबाते हुए हथेलियों के सहारे नितंबों को उठाते हुए, पैरों को पीछे सिर की ओर झुकाते हुए पंजों को भूमि पर रख दें।
4-अब दोनों हाथों के पंजों की संधि कर सिर से लगाएं। फिर सिर को हथेलियों से थोड़-सा दबाएं, जिससे आपके पैर और पीछे की ओर खसक जाएंगे।

5-पुन: क्रमश: शवासन में लौट आएं अर्थात पहले हाथों की संधि खोलकर पुन: हथेलियों के बल पर 90 और फिर 60 डिग्री में पैरों को लाते हुए भूमि कर टिका दें।

 

नामर्दी के घरेलू इलाज

  • छुहारे – छुहारे को दूध में देर तक उबालकर खाने से और उसी दूध को पीने से नपुंसकता खत्म होती है। रात को पानी में दो छुहारे और 5 ग्राम किशमिश भिगो दें। सुबह को पानी से निकालकर दोनों मेवे को दूध के साथ खायें।
  • बादाम : बादाम की गिरी, मिश्री, सौंठ और काली मिर्च कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर कुछ हफ्ते खाने से और ऊपर से दूध पीने से धातु (वीर्य) का खत्म होना बन्द होता है। बादाम को गर्म पानी में रात में भींगने दें। सुबह थोड़ी देर तक पकाकर पेय बनाकर 20 से 40 मिलीलीटर रोज पीयें इससे मूत्रजनेन्द्रिय संस्थान के सारे रोग खत्म हो जाते हैं।

 

नामर्दी के आयुर्वेदिक इलाज

    1. अश्वगंधा : अश्वगंधा का चूरन, असगंधा और बिदारीकंड को 100-100 ग्राम मात्रा में बारीक़ पीसकर चूरन तैयार करें। रोज़ सुबह शाम दूध के साथ आधा चम्मच यह चूरन लेने से वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या बढ़ती है और मर्दाना कमज़ोरी दूर होती है।
    2. जायफल : 15 ग्राम जायफल, 5 ग्राम अकरकरा, 20 ग्रामा हिंगुल भस्म और 10 ग्राम केसर मिलाकर पीस लें। अब इस मिश्रण में शहद मिलाकर घोट लें। फिर चने के दाने के बराबर गोलियाँ बना लें। रोज़ सोने से पहले 2 गोलियाँ दूध के साथ खाएँ। इस आयुर्वेदिक उपाय से शिशन का ढीलापन ख़त्म हो जाएगा और नामर्दी से छुटकारा मिलेगा।
दिए गए उपायों से लाभ न हो तो अपने फॅमिली डॉक्टर से सलहा ले या किसी अनुभवी सेक्सोलॉजिस्ट को दिखाए ।

डॉ अशोक गुप्ता

Hastmaithun (हस्तमैथुन की लत से ऐसे बचे )

hastmaithun

हस्तमैथुन एक ऐसी क्रिया को कहते है जब पुरुष या महिला बिना किसी पार्टनर के खुद के द्वारा ही अपनी यौन इच्छाओ को संतुष्ट करता है और अपने संवेदनशील अंग के साथ खेलकर वह स्खलन के माध्यम से आत्मसंतुष्टि पाता है

किसी भ्रम में न आये हफ्ते में एक बार हस्तमैथुन सामान्य है

हस्तमैथुन की लत

हफ्ते में 1 बार से अधिक हस्थमैथुन को हम हस्तमैथुन की लत कहते है I

हस्तमैथुन के बहुत से कारण हो सकते हैं और उसमें से कुछ संभावित कारण हैं:

    • अकेलापन
    • उच्च यौन ड्राइव
    • ऐसे साथियों के बीच रहना जो पोर्न देखते हैं
    • कम आत्मविश्वास
    • ड्रग्स लेना
    • बोर होना
    • यौन कल्पनाएं
    • रिश्ते की समस्याएं
    • व्यक्तिगत अपर्याप्तता

हस्तमैथुन की लत से नुकसान

  • शरीर का कमजोर हो जाना
  • आत्मविश्वास की कमी
  • खुद के प्रति ग्लानी होना
  • लिंग में सूजन का हो जाना
  • मानसिक तनाव का होना
  • पाचन तंत्र पर बुरा असर होना
  • लिंग में उत्तेजना का बंद हो जाना

हस्तमैथुन की लत छोड़ने के उपाए

  • पोर्न की लत छोड़ें
  • अकेले न रहे
  • अपने आप को वयसत रखें
  • सही भोजन करें
  • सही नींद लें
  • वातावरण में बदलाव करें
  • व्यायाम करें
  • अपने से वादा करें यही सबसे महत्वपूर्ण है

अगर बहुत प्रयत्न के बाद भी इस एडिक्शन को नहीं छोड़ पायें तो सेक्सोलॉजिस्ट से मिलें।

हम आशा करते है इस से आप को लाभ होगा धन्यवाद ।

डॉ अशोक गुप्ता