नपुंसकता का इलाज (Napunsakta ka ilaj)

Napunsakta Ka Ilaj

नपुंसकता जिसे आम बोल-चाल के भाषा में मर्दाना कमजोरी अथवा नामर्दी के नाम से जानते हैं, आज के बदलते परिवेश में नामर्दी अथवा नपुंसकता के बारे में अधिकतर लोग जानते है ||

नपुंसकता क्या हैं ?

नपुंसकता पुरुषों में होने वाला यौन रोग हैं , जिससे पुरुषों के लिंग में उत्तेजना न आना, उत्तेजना के बाद जल्दी शांत हो जाना, कामेच्छा की कमी और संभोग करने के समय या करने से पहले घबराहट होना |

 

नामर्दी अथवा नपुंसकता के कारण

साधारणतः पुरुषों में 60 साल के बाद और महिलाओं में 45 साल के बाद हॉर्मोन की कमी होने लगती है, जिससे उनके उत्तेजित होने में समय लगता है या फिर वे उत्तेजित ही नहीं हो पाते हैं। इसके आलावा नपुंसकता के दो अहम कारण होते हैं |

1 शारीरिक
शारीरिक नपुंसकता गुप्तांग में ब्लड सप्लाई की कमी की वजह से या नर्व्स की गड़बड़ी से या हॉर्मोनल असंतुलन इसकी वजह हो सकते है । किसी अन्य बीमारी के साइड इफ़ेक्ट के कारण भी नपुंसकता की समस्या हो सकती है |

2 मानसिक
वही मानसिक नपुंसकता दिमाग से जुड़ी रहती है, अधिकतर लोग मानशिक नपुंसकता के ही शिकार होते है | इसका कारण मुखी तेह भय, चिंता और हीन-भावना होती हैं।

 

नपुंसकता का इलाज

 

नपुंसकता के घरेलू इलाज

1. जामुन की गुठली पीस कर इसका पाउडर बना ले और गरम दूध के साथ हर रोज ले। इस उपाय से स्पर्म की संख्या बढ़ने लगेती है और कामेच्छा की कमी को दूर करता हैं ।

2. वीर्य दोष यानि आपको धातु क्षिणता हो तो आधा चम्मच हल्दी पाउडर एक चम्मच शहद में मिला कर सुबह सुबह खाली पेट सेवन करते रहने से संभोग शक्ति बढ़ती है।

3. मेवों के सेवन से भी उत्‍तेजना की समस्‍या का इलाज किया जा सकता है. बादाम, खजूर, किश्‍मिश और पिस्‍ता का रोजाना सीमित मात्रा में सेवन करने से सेक्‍स समस्‍याओं से निजात मिल सकती है.

नपुंसकता के लिए जरुरी योग आसन और व्यायाम

वज्रोली क्रियाविधि :- इस से वीर्य स्थिर होगा मस्पसिओ में मजबूती आएगी. इसे से नपुंशकता के सतह स्वप्नदोष और शीघ्रपतन छुटकारा मिलता है |

भुजंगासन :- इस से आपके गुप्तांग के नसों में मजबूती आएगी मलस्वरूप लिंग में तनाव आने लगेगा और आप की नपुंसकता की समस्या ख़तम हो अजयेगी ।

सलहा : – अगर उपरोक्त दे गयी जानकारी से लाभ नहीं होता है तो अपने फॅमिली डॉक्टर से या किसी नजदीकी अनुभवी डॉक्टर को दिखाए |

या कॉल करे अशोक क्लिनिक पर किसी भी समय |

धन्यवाद,
डॉ. अशोक गुप्ता

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