शीघ्रपतन के घरेलू उपाय

स्खलन का अर्थ है कि लिंग के माध्यम से वीर्य का सा्रव होना। शीघ्रपतन को अर्थ मनुशय को समय से पहले वीर्य प्रवाह हो जाना ही है। कई बार देखा जाता है कि जब पुरूश औरत से सम्भोग करता है तो औरत को पूरी तरह से संतुश्ट नही कर पाता क्योंकि जब वह चरम सीमा पर आता उससे पहले ही उसका वीर्य प्रवाह हो जाता है और औरत संतुश्ट नहीं हो पाती। इस उस पुरूश का जीवन बर्बाद हो जाता है। इससे दोनो मिया बीबी में घरेलू झगड़े होते हैं और पुरूश चिड़चिड़ा हो जाता है। उस पुरूश की गृहस्ति बर्वाद हो जाती है। वह पुरूश नही तो काम कर सकता है और अन्दर ही अन्दर उसको चिंता रहती है ।

शीघ्रपतन होने के कारण: प्रारंभिक यौन अनुभव, यौन षोशण, अपने शरीरके प्रति नकारात्मक रवैया, डिप्रेषन, समय से पहले स्खलन होने का डर, षीघ्र स्ख्लन होने से केई लोगों को यह चिंता सताती है कि क्या होगा कहीं मैं पहले ही ना शीघ्रपतन हो जाउं इसलिए भय के कारण भी स्खलने हो जाता है।

शीघ्रपतन के कुछ घरेलू उपाय इस प्रकार हैं:

1. अपने स्खलन रिफलेक्स पर नियंत्रण करना:- नियमित रूप से संवेदनषीलता और उत्तेजना के स्तर के आदी बनने के लिए स्वयं उतेजक (हस्तमैथुन) अलग अलग संवेदना के लिए आप गीले या सुखे हाथ से प्रयोग कर सकते हैं। जब तक आपका वीर्यपात होनो महसूस न हो तब तक यह क्रिया करनी चाहिए जब आपको लगे कि अब वीर्य स्खलन होने वाला है तो आप हस्तमैथुन को रोक दें फिर थोड़ी देर बाद षुरू कर दें। ऐसे ही यह क्रिया आपको कम से कम चार से पांच बार करनी है। तब आपको पता चल जायेगी कि आप कितना नियंत्रण कर सकते है। यह भी आपको पता चला जायेगा। इस क्रिया को करने से आपको यह पता चल जायेगा कि आपका वापसी बिंदू क्या है। जब आप सम्भोग करते हैं और आप चरम सीमा पर होते हैं तो आपको महसूस होगी कि आपका वीर्य निकलने वाला तो उस समय आप अपने लिंग को योनी से बारह निकाल कर कुछ देर के रूक जाये फिर थोड़ी देर बाद आप सम्भोग कर सकते है या अपनी पोजीषन बदल सकते हैं तो पता चल जायेगा कि आपका वापसी बिन्दू क्या है।

2. पैल्विक फलोर मांसपेषी व्यायाम से भी वीर्य स्खलन को रोका जा सकता है। जब आप पेषाब करते हैं तो उसे बीच में रोक कर आप अपनी मांसपेषियों को सिकोडते हैं तो उनको 5 से 10 सेकिण्ड का समय मिल जाता है फिर आप अपनी स्थिति आ जाते हैं तो पेषाब दोबारा षुश् हो जाता है। इस क्रिया को दिन में 10 से 12 बार कर सकते हैं।

3. कंडोम के प्रयोग से भी शीघ्रपतन की बीमारी से निजात मिल सकती हैं। जब आप संभाग करें तो कंडोम का प्रयोग करना चाहिए। ध्यान रहे कि कंडोम को आकार थोड़ा मोटा होना चाहिए।

4. सेक्स से पहले हस्तमैथुन भी शीघ्रपतन में बहुत ही बढ़िया प्रयोग है। जब भी सम्भोग करें तो उससे पहले आप एक बार हस्तमैथुन जरूर कर लें। इससे आपका षीघ्रतपन नहीं होगा। फिर आप में काफी उतेजन पैदा होगी और आप अपने साथी के साथ अच्छी तरह से सम्भोग कर सकते हैं।

5. ड्रग्स और सुन्न करने वाली दवा व स्प्रे की कुछ दवायें जिनका प्रयोग करने से शीघ्रपतन की बीमारी कुछ हद तक कम की जा सकती है। लेकिन ध्यान रहे ये दवा आपको डाक्टर की सलाह से ही लें। एक बार इन दवाईयों को प्रयोग करने से इनकी लत लग जाती है। कई डाॅकटर इस दवा प्रयोग सम्भोग करने से 2 से 3 घंटे के अन्तराल में बताते हैं। कई तो 5 से 6 घंटे पहले बताते हैं। इन दवाओं को बन्द कर दिया जाता है तो यह बीमारी फिर से षुरू हो जाती है। इसलिए इस दवा का प्रयोग में लाने के लिए डाक्टर की सलाह लेनी जरूरी है।

6. आयुर्वेदिक इलाज – आयुर्वेदा में शीघ्रपतन का इलाज संभव है । इसके कोई सीड़ीएफेक्ट भी नहीं है । अशोक क्लिनिक सालो से लाखो मरीजों को शीघ्रपतन से मुक्त क्र चूका है ।

 

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