swapandosh

सोते हुए वीर्यपात होजाने को ही स्वप्नदोष कहते है.  युवावस्था में स्वपनदोष होना एक आम बात है,  सपने में किसी से काम-सम्बन्ध बनाते हुए वीर्य स्खलन हो जाता है. अक्सर युवक और युवतियाँ आपने आपको स्वप्न में किसी कामुक क्रिया में लिप्त पाते हैं और जिसके कारण उनका नाइटफॉल हो जाता है| लड़कों में वीर्य के रिसाव होता है और लड़कियों में सफ़ेद रंग के पानी का| यदि आपको स्वप्नदोष हफ्ते में एक बार या महीने में 2-3 बार होता है तो घबराना नही चाहिए क्योंकि ऐसा होना एक सामानया बात है|

स्वपनदोष के कारण Swapandosh  ke karan

अश्लीन साहित्य पढना |
सहवास के बारे में अत्यधिक रूचि रखना या स्त्री संग क्रिया के बारे में हमेशा सोचना |
खाना-पीना सोने के ठीक पहले करना या देर रात्रि में भोजन-पानी करना |
पेट के बल सोना या उलटे होकर सोना |
कब्ज होना या पेट गर्म होना |
पेट भर कर या ज्यादा खाना |
रात्रि को गर्म दूध पीकर सोना |
रात्रि में पपीता या आम अधिक खा कर सोना |
तंग वस्त्र पहन कर सोना |
रात्री में पेशाब को रोक कर रखना |
स्वपन दोष में सावधानी |

बिना किसी स्वप्न के भी स्वप्न दोष होना भी एक आम बात है जिसका कारण होता है |

तंग वस्त्र पहनना |
रात को पेट भर कर खाना |
गर्म दूध पी कर सोना |
अधिक मात्रा में आम या पपीता या ऐसे गर्म फल खा कर सोना इत्यादि |

स्वपनदोष के साइड इफ़ेक्ट Swapandosh ke side effect

शारीर में कमजोरी |
स्टैमिना में कमी |
किसी भी काम को करने में मन ना लगना |
मानसिक तनाव |
कॉन्फिडेन्स की कमी |
समस्या अधिक होने पर अन्य गुप्त रोग भी हो सकत है जैसे की शीघ्रपतन |

 

स्वपनदोष में सावधानी रखने योग्य बाते

ठंडे पानी से नहायें |
रात्रि को गर्म दुध न पीयें |
रात्रि को सोने से पूर्व अपने पांव घुटनों तक ठंडे पानी से धोकर सोवें |
उत्तेजना पैदा करने वाले साहित्य को न पढ़े |
सोने से तीन घंटे पहले खाना-पीना आदि कर ले |
हमेशा सीधे या करवट ले कर ही सोने की कोशिश करे |
सोते समय कोई अच्छी पुस्तक पढ़ सकते है, जिससे सोते समय केवल अच्छे विचार ही मष्तिष्क में रहें |
नियमित त्रिबंध प्राणायाम, योगासन, ब्रह्ममुहूर्त में उठने से लाभ मिलता है |
कब्ज न होने देवें |
गुप्तांग के आसपास के बालों को बढ़ने न दिया जाये |
रात्रि को खाना खाने के बाद पेशाब जरुर करना चाहिए |
गुप्तांग की चमड़ी को पीछे हटाकर रोजाना साफ़ करना चाहिए |

 

 

स्वपनदोष का इलाज

 

स्वपनदोष के लिए योग Swapandosh ke liye yoga

 

बाह्य कुम्भक योग

 विधि:

किसी भी ध्यानात्मक आसन में बैठकर पूरी शक्ति से श्वास को एक बार में ही बाहर निकल दें |
श्वास को बाहर निकालकर मूलबंध (गुदा द्वार को संकुचित करें) और उड्डीयान बंध (पेट को यथाशक्ति अंदर सिकोड़ें) लगाकर आराम से जितनी देर रोक सकें,श्वास को बाहर ही रोककर रखें |
जब श्वास अधिक समय तक बाहर न रुक सके तब बंधों को खोलकर धीरे-धीरे श्वास को अंदर भरें | यह एक चक्र पूरा हुआ |
श्वास भीतर लेने के बाद बिना रोके पुनः बाहर निकालकर पहले की तरह बाहर ही रोककर रखें | इस प्रकार 3 से 21 चक्र किये जा सकते हैं|

 

अश्विनी मुद्रा योग

 विधि:

कगासन में बैठकर (टॉयलैट में बैठने जैसी अवस्था) गुदाद्वार को अंदर ‍खिंचकर मूलबंध की स्थिति में कुछ देर तक रहें और फिर ढीला कर दें। पुन: अंदर खिंचकर पुन: छोड़ दें। यह प्रक्रिया यथा संभव अनुसार करते रहें और फिर कुछ देर आरामपूर्वक बैठ जाएं।

 

स्वपनदोष का घरेलू उपचार Swapandosh ka Gharelu ilaj

आवले – आवले का चूर्ण 6 ग्राम और मिसरी का चूर्ण 6 ग्राम मिलाकर खाने से सामान्य स्वपनदोष ठीक हो जाता है |
गुलकंद – गुलकंद 5-10 ग्राम की मात्रा में रोजाना सुबहा-शाम मिसरी मिले दूध के साथ खाने से लाभ होता है |
केले – रोज दो केले काट कर सहत लगा कर खाने से स्वपनदोष में लाभ मिलता है |

 

स्वपनदोष का आयुर्वेदिक उपचार Swapandosh ka Ayurvedic ilaj

मुलहठी – मुलहठी के चूर्ण को मक्खन और शहद में मिलाकर खाने से लाभ होता है |
शतावर – शतावर के रस को शहद में मिलाकर सुबहा शाम लेने से लाभ मिलता है |
खादिर – खादिर सार 1 ग्राम ठन्डे पानी के साथ लेने से भी लाभ होता है |

 

क्या डॉक्टर का परामर्श अवश्यक है ?

यदि आपका स्वप्नदोष या नाइटफॉल सामानय है तो इसके कोई आवस्यकता नही है| लेकिन यदि हद से ज्यादा हो रहा है तो आपको डॉक्टर की सलाह से इसका सही ट्रीटमेंट या दवा लेनी चाहिए| क्योंकि ये प्राब्लम ज्यादा होने से अक्सर युवक कमजोरी, मानसिक तनाव, जनन अंग में कमज़ोरी, ज़यादा थकावट, स्टॅमिना में कमी, शीघ्रपतन आदि होने की शिकायत करते हैं|