बवासीर लक्षण सावधानियां

आजकल लोग कब्ज जैसी परेशानियों को बहुत आसानीपूर्वक लेते है, किंतु ये कब्ज धीरे-धीरे बवासीर का रूप लेने लगता है कहते है कि बवासीर उम्रदराज लोगो को होता है। परंतु आजकल के खान पान और जंक फ़ूड (बरगर, पिज़्ज़ा, तेलिययुक्त पदार्थ) से युवको और बच्चो में भी यह रोग होने लगा है। अच्छे से शौच नहीं होना ये भी बवासीर की तरफ इशारा करता है। शौच करते समय ज्यादा दवाब लगाने पर भी शौच ना होना और शौच के साथ रक्तस्त्राव आना यह भी इस रोग का मुख्य कारण है। इसे  इंग्लिश में piles और hemorrhoids भी कहते है। इस रोग में गुदा द्वार में मस्से निकल आते है, जो शौच करते समय रक्तस्त्राव के साथ में बाहर आते है और बहुत पीड़ा देते है, जिससे मलाशय या गुदा को चोट पहुंच सकती है !  गुदा के आस पास में खुजली होना व सभी ओर दर्द महसूस करना और चिड़चिड़ाहट होना,अंदुरुनी दर्द होना, रक्त रिसाव होना, गुदा के पास एक दर्दनाक सूजन या गांठ या मस्से का होना।

बवासीर अंदरूनी और बाहरी दो प्रकार की होती है।

अंदरूनी बवासीर 

इसमें मलद्वार के अंदर मस्सा हो जाता है और साथ में कब्ज भी हो तो मलत्याग के समय जोर लगाने पर यह मस्सा छील जाता है। और मलद्वार से रक्त बहने लगता है  और बहुत पीड़ा होती है। इसमें सूजन को हम स्पर्श नहीं कर सकते है , किंतु महसूस कर सकते है।

बाहरी बवासीर

इसमें बाहर के तरफ मस्सा होता है और उसमे दर्द नहीं होता है लेकिन शौच के समय मस्से पर रगड के वजह से बहुत अधिक खुजली होने लगती है और बहुत पीड़ा होती है। सूजन को बाहर से मह्सूस कर सकते है। बवासीर का इलाज अपनी जीवन शैली में कुछ साधारण आदतो को बदलने से किया जा सकता है। Bawasir kyon hota haiजैसे फाइबरयुक्त आहार सुबह शाम की सैर, फलों का अधिक सेवन खासकर पपीता ज्यादा लेना चाहिए, नियमित व्यायाम करना व पानी ज्यादा पीना चाहिए ताकि कब्ज न रहे। कब्ज़ और बवासीर पर हमारी ये विडियो लिंक पर क्लिक करके अधिक से अधिक जानकारी पाएं.

दूसरे कुछ गंभीर मामलो में ऑपरेशन करना पड़ता है, बवासीर से कोशिकाओं में आमतौर पर जटिलताए आ जाती है। पाइल्स की सर्जरी (Piles Surgery)करने की सलाह चिकिस्तक ऐसे लोगो को देते है जिन्हे बवासीर बड़ा हो। अगर हम बवासीर को बिना इलाज किये छोड़ दे तो यह लंबे समय के बाद सूजन पैदा करता है और अलसर होने की संभावना बढ़ने लगती है इसलिए आपको यदि बवासीर है तो इसकी डॉक्टर से जांच करवाना चाहिए और डॉक्टरों की सलाह से ही दवाइयों का सेवन करना चाहिए।

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