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Author page: Ashok Clinic

कितना मीठा हमारा हनीमून?

होटल का शानदार बेडरूम… डबल बेड पर लाल कलर की चादर… उस पर बैठी अलका दोहरी हुई जा रही थी। खिड़कियों से सांय-सांय की आवाज करती हुई आ रही हवा बेडरूम में चारों तरपफ पफैलती जा रही थी। अलका इन दो-चार दिनों में भी मंजर से घुल-मिल नहीं पाई थी। मंजर ‘दस मिनट में आ रहा हूं’ कहकर गया था…

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न झगड़ें बच्चों के सामने

रागिनी ने आॅपिफस के लिए तैयार हो रहे विक्रम से कहा-‘आज जरा जल्दी आ जाना।’ ‘क्यों, आज क्या बात है, भई? टिपिफन तैयार कर दिया?’ विक्रम ने कारण जानना चाहा तो रागिनी ध्ीमे स्वर में बोली-‘वाॅशिंग मशीन तीस प्रतिशत छूट पर मिल रही है। रुपए दोगे तभी तो मैं खरीदूंगी।’ ‘चुप रह, पिफजूल की बातों में हमेशा लगी रहती है।…

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पति को सुनाइए ही नहीं कुछ कीजिए भी

आज छोटू के स्कूल में पी.टी.एम. था। तुम स्कूल गई थी?’ नितेश ने ऑफिस से घर आते ही सवाल कर दिया। ‘धूप ही इतनी तेज थी कि बाहर निकलने का मन ही नहीं किया।’ मीता ने बड़ी ही लापरवाही से कहा। ‘यह कोई जवाब हुआ?कभी धूप, कभी ठंड, कभी बारिश ये सब तो आती ही रहेंगी। मैं ऑफिस नहीं गया…

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टोकने की हैबिट

कांता, श्याम, मांजी तीनों खाने पर एक साथ बैठे। श्याम ने सबसे पहले खाना शुरू किया। अभी उसने दो-तीन कौर ही खाए थे कि कांता ने उसे टोक दिया-‘क्या बिल्ली की तरह चपर-चपर मुंह चला रहे हो। खाना खाने का यह कौन-सा तरीका है?’ श्याम चिढ़ गया-‘मैं तो बचपन से ही ऐसे ही खाना खाता आ रहा हूं। मां ने…

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रिश्तों में लाएं गर्माहट

रसना ड्राइंग रूम में आई, तो अरविंद ने कहा-‘टेबल पर खाना लगाओ। मम्मी-पापा के लिए भी खाना लगा देना।’ रसना वापस किचन में चली गई। टेबल पर सबके लिए खाना लगा दिया। रसना भी साथ में बैठकर खाना खाने लगी। अरविन्द ने अपनी मां की ओर देखते हुए कहा-‘किचन में आजकल तुम नहीं जाती हो क्या मां?’ ‘नहीं, मैं नहीं…

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गुड सेक्स रिलेशन के लिए चेंजिंग

आज जल्दी घर आ गए हो, तो चलो जरा बाहर ही टहल आते हैं।’ लता ने अवि के कंध्े पर बड़े ही याराना अंदाज में हाथ रखकर कहा, तो अवि की दिनभर की थकान मिट गई। लता ने पिफर अपनी बात दोहराई-‘क्या इरादा है?’ ‘अब तुम इतनी मोहक अदा से कह रही हो, तो बंदा मना कैसे कर सकता है।…

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पत्नी अपमानित कब महसूस करती है

अर्पिता रात के ग्यारह बजे घर आई। घर के अधिकांश लोग सो गए थे। दबे पांव वह बेडरूम में दाखिल हुई। अभिनव दोनों बच्चों के बीच में उफंघ रहा था। किसी को डिस्टर्ब न हो यह सोचकर अर्पिता ने कपड़े भी नहीं बदले और वह दूसरे बेड पर चुपचाप जाकर लेट गई। सुबह आंख खुली तो देखा, अभिनव आॅपिफस के…

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मैरिज लाइफ का ग्लैमर खुलापन और आजादी

इस डिब्बे में क्या है?’ आॅपिफस से आए पति से शुचिता ने पूछा। पति डिब्बे से साड़ी निकाल कर बोला-‘साड़ी है। तुम्हारे पास साड़ियां गिनी चुनी ही थीं, इसीलिए लेता आया। तुम्हें तो पसंद है न?’ ‘तुम कभी मेरे लिए कोई चीज खराब लाते हो जो यह खराब होगी। जब से मेरा विवाह हुआ है, मैं कपड़ों के मामले में…

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दुर्गध कहीं संबंध न बिगाड़ दे

आज पिफर आपने दाढ़ी नहीं बनायी?’ मानसी ने अपने पति को टोक दिया, जो उसको अपनी बांहों में लेने के लिए उसकी तरपफ ही बढ़ता चला आ रहा था। पति ने दाढ़ी पर हाथ पफेरते हुए कहा, ‘‘क्या पफर्क पड़ता है। दाढ़ी आज नहीं बनी तो कल बन जायेगी।’’ ‘‘पफर्क पड़ता है। दाढ़ी तुम पर अच्छी नहीं लगती है। इससे…

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वैवाहिक जीवन और ख्वाहिशें

राकेश सारा सामान किचन में रखकर नहाने चला गया। नंदा किचन में गयी और एक-एक सामान खोलकर डिब्बों में भरने लगी। जब उसका ध्यान दाल और तेल की तरपफ गया तो उसका मूड अचानक ही खराब हो गया। उसने किचन से ही अपने बेटे को आवाज दी, ‘‘दीपू, पापा कहां हैं?’’ ‘‘अरे, मैं बाथरूम में था। नहा रहा था। हां,…

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