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Gupt Rog (गुप्त रोग)

सेक्सुअली ट्रांसमिटिड डिसीसेस को हम गुप्त रोग कहते है । क्योंकि हमारे समाज में सेक्स संबधित सारी बातों के बारे में खुलकर बातें नहीं कर सकते। सेक्स शाररिक और मानसिक जरूरत वाली चीज है। सम्भोग का आनंद पाने के लिए पुरुष व महिला दोनों अलग अलग आदमी और औरतों से समभोग करते हैं तो उनको गुप्त रोग होने की सम्भावना होती है। गुप्त रोग आपस में आदमी या महिला चेन्ज करने से या ब्लड से या दूषित सिरिंज के प्रयोग करने से एक दूसरे में फैलता है। अगर किसी गर्भवती महिला को गुप्त रोग है तो उसके बच्चे को भी गुप्त रोग हो जाता है। इसलिए यह जानना आपके लिए जरुरी है कि “गुप्त रोग क्या है”।

गुप्त रोग के प्रकार

गोनोरिया
सिफलिस
हर्पीस
क्लैमाडिया
एच आई वी

गुप्त रोगो के बारे में विस्तृत जानकारियाँ

गोनोरिया – निसिरिया गोनोरिया नाम का बैक्टिरिया गुप्त रोग का एक कारण है। ये बैक्टिरिया सेक्स के दौरान एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है। इस रोग के लक्षण पुरुषों में सेक्स के 14 दिनों बाद इनकी पेशाब की नली में जलन के रूप में होने लगती है इससे पीला या सफेद पानी बाहर निकलता है और पेशाब में जलन होती है।

सिफिलिस – टेरीपोनिमा पालीडम बैक्टिरिया सिफिलिस के कारण होता है। यह रोग भी सेक्स के कारण ही पैदा होता है । इस गुप्त रोग से 10 दिन के बाद इन्फेक्शन की जगह एक लाल सा निशान हो जाता है। यह निशान बाद में चला जाता है, लेकिन बैक्टीरिया फिर भी रह जाता है। और इसकी दूसरी स्टेज पर 15 दिन से 6 महीने के बाद दिखती है और शरीर पर रास होता है। खासकर पैरों के तलवे व हाथ में इसका असर हो जाता है। इस बीमारी से सिर में दर्द और बुखार भी आ जाता है। यह दवाई से सही हो जाता है लेकिन जो तीसरी स्टेज है वह बहुत ही खतरनाक होती है । ये दीमाग, दिल, हडडी, व रीड़ की हर्डिडयो पर अपना असर दिखाता है जिससे हार्टअटैक, पागल, पायरलिस, बहरापन और हड्डियों के रोग से पीडित होता है। अगर गर्भवती महिला ने बच्चा पैदा किया तो वह या तो पैदा होते ही मर जायेगा, या फिर बहरा या अँधा पैदा होगा।

हर्पीस – हर्पीस होने का कारण है हर्पीस सिम्पलैक्स वायरस जो कि दो प्रकार का होता है। इस रोग का संक्रमण सैक्स के दौरान होता है। यह वायरस शरीर में रहकर भी इसके कोई लक्ष्ण नहीं होता है। इस बीमारी से पहले बुखार आता है, गर्दन में दर्द होता है फिर शरीर में कमजोरी महसूस होती है इस इन्फेक्शन से गुप्तांगों में होता है और एक छोटा सा पोडली या फोड़ा होता है जो कि अल्सर में परिवर्तित हो जाता है। इससे पेषाब करने पर खुजली होती है और 15 दिन के बार ये अल्सर अपने आप गायब हो जाते हैं। फिर दोबार दिखाई देने लगते हैं।

क्लैमाईडिया – क्लैमाईडिया को उरिर्थिसिस के नाम से जाना जाता है। ये जन्तु सैक्स के दौरान फैलते हैं और गेनोरिया जैसे गुप्त रोग उत्पन्न हो जाते हैं। इसका इन्फेक्शन होने के 7 से 21 दिनों तक इसके लक्षण महसूस किये जा सकते हैं।

एचआईवी – एचआईवी एक जानलेवा बीमारी है जिसका कोई ईलाज नहीं है। इसका असर सीधा इतना खतरनाक नहीं है लेकिन शरीर की इमुनिटि को नाश करने के कारण सभी प्रकार के रोग हो सकते हैं।

गुप्त रोग के लक्षण:
1. पेषाब में जलन
2.  गुप्तांगों पर फफोले
3. गुप्तांगों में मस्से हो जाना
4. त्वचा पर रास
5. लिंग या योनी से डिस्चार्ज
6. पेट में दर्द

क्या गुप्त रोग मिट सकते है

हाँ जी गुप्त रोगों का समय पर ईलाज किया जाए तो इनको जड़ से ख़त्म किया जा सकत है। इसके लिए आप किसी सही प्रशिक्षित डाक्टर से ईलाज करवा सकतेे हैं। या आप घरेलू उपचार से इलाज कर सकते हैं। कई बार ऐसा होता है कि कीटाणु ज्यादा फैल जाते हैं तो घरेलू उपचार काम नहीं करता है तो आयुर्वेदिक दवा से भी इस बीमारी का इलाज कर सकते हैं। ऐलापैथिक इवाई से भी इस बीमारी का इलाज किया जाता है। पेन्सििलिन से सिफिलिस का इलाज किया जाता है कुछ एंटीबियोटिक दवाओं से एचआईवी का इलाज किया जाता है।

किसी भी तरह की जानकारी के लिए संपर्क करे अशोक क्लिनिक दिल्ली । हम आपकी सहायता करने का पूरा प्रयास करेंगे ।

डॉ अशोक गुप्ता,
धन्यवाद

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