कांता, श्याम, मांजी तीनों खाने पर एक साथ बैठे। श्याम ने सबसे पहले खाना शुरू किया। अभी उसने दो-तीन कौर ही खाए थे कि कांता ने उसे टोक दिया-‘क्या बिल्ली की तरह चपर-चपर मुंह चला रहे हो। खाना खाने का यह कौन-सा तरीका है?’
श्याम चिढ़ गया-‘मैं तो बचपन से ही ऐसे ही खाना खाता आ रहा हूं। मां ने तो मुझे कभी टोका नहीं। तुम मां से क्या ज्यादा समझदार हो?’
‘तुम्हारी मां से तो मैं समझदार हूं ही… अध्किांश माएं लाड-प्यार में अपने बच्चों को गंदी आदतों के लिए नहीं टोकती हैं तो क्या पत्नियां भी नहीं टोकेंगी?ऐसे मुंह से आवाज निकाल कर मत खाया करो। अच्छा नहीं लगता है। सामने वालों को घिन्न-सी आती है।’ कांता एक सांस में ही बोल गई।
‘तुमने मेरी मां को भला-बुरा कहा… तुम्हें मेरा खाने का तरीका पसंद नहीं… तुम एक बहुत ही बदमिजाज और मुंहपफट औरत हो…’
‘तुमने मुझे बदमिजाज कहा…?मैं तुम्हें मापफ नहीं करूंगी। तुम एक निहायत ही जाहिल मर्द हो। अच्छी बातें तुम्हारे गले उतरती ही नहीं।’ कांता भी गुस्से से लाल और श्याम भी गुस्से से लाल…। बगल में बैठी मांजी शांत रहने का हाथ से इशारा करते हुए बोलीं-‘बहू, तुम दोनों में ही सहनशीलता नहीं है। कोई भी मां लाड-प्यार में आकर अपने बच्चे को बिगाड़ती नहीं या उसे बिगड़ने के लिए छोड़ नहीं देती है। तुम्हारा यह सोचना या कहना गलत है कि मुझमें अच्छे-बुरे की समझ नहीं है। चलो, मैं मान लेती हूं कि श्याम को मैंने खाना खाने का सलीका नहीं सिखाया, लेकिन तुममें भी तो कुछ गंदी आदतें हैं, जिन्हें श्याम भी बर्दाश्त कर जाता है और मैं भी बर्दाश्त कर जाती हूं। मैं बहुत दिनों से देख रही हूं तुम जिस गिलास से मुझे पानी पिलाती हो, उसी गिलास से मेरे पति को भी और पिफर मेरी बूढ़ी सास को भी… चकला-बेलन तो तुम कई-कई हफ्रतों तक धेती ही नहीं हो। क्या तुम्हारी मां ने यह नहीं सिखाया कि जूठे गिलास को धेकर दूसरों को पानी दिया जाता है?’
कांता और भी अध्कि उत्तेजित हो गई-‘मांजी, आप मुझमें कमी निकालकर अपने बेटे को गलत बातों के लिए शह दे रही हैं।’
‘मैं बेटे को उसकी इस आदत के लिए सही नहीं मान रही हूं और तुम्हें भी तुम्हारी आदत के लिए सही नहीं ठहरा रही हूं। मैं तो आईने के दोनों पहलुओं को तुम लोगों के सामने रखना चाहती हूं, ताकि तुम दोनों में ही एक-दूसरे को बर्दाश्त करने की क्षमता विकसित हो…’ मांजी इतना कहकर खाने से उठ गईं। श्याम भी खाना छोड़कर आॅपिफस चला गया। कांता ने भी खाना नहीं खाया।
ऐसा वातावरण सहनशीलता के अभाव से ही पैदा हुआ। सहनशीलता किसी भी व्यक्ति का सबसे बड़ा गुण है। यहां तीनों ही असहज और असहनशील व्यक्ति हैं। कांता ने पति को तब टोका जब वह खा रहा था। मांजी ने कांता की खामियां तब उजागर कीं, जब वह पति को टोक रही थी। श्याम ने अपनी गलती को स्वीकार न कर और भी बड़ी गलती कर दी।
आप जाने-माने दार्शनिकों या मनोवैज्ञानिकों के विचार पढ़ें, तो आपको सहज ही रूप से पता चल जाएगा कि गलत व्यक्ति को उसकी गलतियों के लिए कब टोकना श्रेयस्कर होता है। उनका मानना है कि कोई व्यक्ति गलत कार्यों में संलग्न है, तो उसे उस समय न टोकें। वह जो कर रहा है करने दें। बाद में उसके मूड और माहौल के मिजाज को देखकर सहज शब्दों में उसे उसकी गलती का अहसास करवाएं। आपका बोलने का लहजा ऐसा नहीं होना चाहिए कि उस व्यक्ति को लगे जैसे आप उसकी गलतियां जान-बूझकर निकाल रहे हैं।
कांता ने पति को उसकी गलत हैबिट के लिए तब टोका जब खाने पर बैठा था और मुंह से चपर-चपर की आवाज निकाल रहा था। इससे पति को लगा कि कांता सबके सामने उसे अपमानित करना चाहती है। सबके सामने किसी भी व्यक्ति की गलतियों को निकालने से वह अपनी गलतियां मानने की बजाए और गलतियां करता है। वह उनमें सुधर लाने की कोशिश नहीं करता है और उफपर से कांता ने एक गलती और भी कर दी कि उसने पति की गलतियों के लिए अपनी सास को दोषी ठहरा दिया। इसके बदले में सास ने कांता की गलतियों को उसके सामने ला दिया।
इस तरह की टोका-टाकी या गिले-शिकवे से आपस में मन-मुटाव और मतभेद पैदा होते हैं। बोलने का मन नहीं करता है। ईष्र्या और घृणा मन में जन्म ले लेती है। ये नकारात्मक चीजें आंखों को हमेशा गलत ही दिखाती हैं और दिमाग को गलत दिशा में सोचने पर मजबूर करती हैं। कांता की खूबसूरती श्याम को भला कभी नजर आ सकती है? बिलकुल ही नहीं। वह तो हमेशा उसे अपना प्रतिद्वंद्वी ही समझेगा। सास भी कांता को तहेदिल से कभी भी अपना नहीं पाएगी। छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करने की सलाह हम नहीं दे रहे हैं। क्योंकि छोटी-छोटी बातें ही आगे चलकर अलगाव का कारण बन जाती हैं। अदालत में तलाक के केसों में से ज्यादातर केस ऐसे होते हैं, जिनके पीछे कोई बहुत बड़ी बात नहीं होती है। ‘वह शराब पीकर आते हैं और मुझसे संग-साथ कायम करना चाहते हैं, मुझे शराब की गंध् पसंद नहीं, मैं मना कर देती हूं तो वह मुझे पूरी रात सोने नहीं देते हैं, मुझे मजबूरन बरामदे में जाकर रात गुजारनी पड़ती है। वह खाना खाते समय दुनिया भर के तनाव पैदा करने वाली बातें लेकर बैठ जाती है, मेरा खाना-पीना हराम हो गया है। वह गुटका दिन भर चबाते रहते हैं और जहां मन करता है वहीं थूक कर गंदगी पफैला देते हैं। मना करने पर झगड़ पड़ते हैं। मैं जो खाने में पसंद करता हूं, पत्नी उसके विपरीत खाना बनाती है और टोकने पर कहती है कि खाना है तो खाओ नहीं खाना है तो खुद बना लो इत्यादि छोटी-छोटी बातें समय के साथ-साथ बड़ी बनती चली जाती हैं और एक दिन उफबकर पति-पत्नी तलाक के लिए अदालत तक पहुंच जाते हैं या पिफर मानसिक रूप से स्वयं को एक-दूसरे से अलग कर लेते हैं।
ऐसी नौबत ही न आए, इसके लिए सही समय और मूड देखकर आप पति को या पत्नी को प्यार से समझाने का प्रयास करें। ऐसा नहीं है कि किसी में बदलाव नहीं लाया जा सकता है। जो लोग कहते हैं कि आदत छूटती नहीं हैं। मौत के साथ ही जाती है, हम इससे सहमत
नहीं हैं, क्योंकि हमने बहुतों को सुध्रते हुए देखा है। हालात अच्छे अच्छों को सुधर देता है। हम किसी के नजदीक पहुंच सकते हैं, तो सिपर्फ प्यार और सहानुभूति से… सहनशीलता और ध्ैर्य से…। आपमें अगर ये चारों चीजें नहीं हैं, तो आप विवाह का सुख भोग नहीं सकते हैं। आप विवाह तो कर सकते हैं, लेकिन ज्यादा दिन तक पति-पत्नी के रूप में एक साथ नहीं रह सकते हंै, क्योंकि इन चारों शब्दों के अभाव में आप एक अच्छी पत्नी या एक अच्छे पति साबित नहीं हो सकते हैं।
आपको शायद यह नहीं पता, एक अच्छे इंसान में ये चारों गुण होने जरूरी हैं। आज का जो पारिवारिक माहौल है, उसमें पलने-बढ़ने वाले लड़के-लड़कियों में इन चारों ही बातों का अभाव है। इनके बदले उनमें ईष्र्या, द्वेष, बदले की भावना व स्वार्थी भाव अध्कि हैं, जिनकी वजह से वे एक अच्छे पति-पत्नी साबित नहीं हो पाते हैं। आप एक अच्छा मनुष्य बनकर अपने जीवनसाथी को देखेंगे, समझेंगे और समझाएंगे, तो वह आपके अनुकूल बनने की कोशिश जरूर करेगा।

Leave a comment

Head Office

321, Uttam House, 2nd Floor, Chandni Chowk, Near Fateh Puri, Delhi - 110006.

Landline: 011 23913008
Mobile : 9811092840

Branch Office

17, 1st Floor, DDA Rajasthali Market, Pitampura,
Delhi - 110034,
(Opp. Metro Pillar No-365)

Landline: 011 27014499
Mobile : 9811588132

Ashok Clinic © 2019. All rights reserved.

Type in
Details available only for Indian languages
Settings
Help
Indian language typing help
View Detailed Help